“गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥”
आपके जीवन मे गुरु क्यों होना चाहिए इसका वैदिक,सांसारिक और ज्योतिष के माध्यम से मतलब जाने।
गुरु वह होता है जो न केवल ज्ञान देता है बल्कि जीवन को एक सही मार्गदर्शन भी देता है।
हिन्दू धर्म मे गुरु को सबसे ऊपर माना गया है।
शास्त्रों में भी प्रमाण है गुरु बनाने-
क्या कहते है शास्त्र आईये जानते है।
धर्म – अगर आप वैदिक धर्म,शास्त्र और आध्यात्मिक ज्ञान यात्रा पर है तो गुरु ही आपको सही दिशा व मार्गदर्शन देते है। जैसे आप कोई साधन कर रहे, मन्त्रो का जप कर रहे या पूजन-पाठ की सही विधि-विधान बताने व सिखाने में मद्दत करते है।
सांसारिक – आप अपने जीवन मे कई समस्याओं से गुजरते है। उनके समाधान में गुरु मद्दत करते है। जीवन के अंधकार, अज्ञानता और गलत (अप्राकृतिक) जैसी बुराईयो से दूर करते है। और जीवन के उद्देश्य की तरफ ले जाते है।
ज्योतिष महत्व – ज्योतिष शास्त्र में गुरु यानी बृहस्पति को माना जाता है। और बृहस्पति वह ग्रह होता है जो जहाँ देखता वहा अच्छा फल देता है यानी ज्योतिष मे बृहस्पति की 3 दृष्टि बताई गई है पंचम,सप्तम और नवम। आपकी कुंडली मे बृहस्पति जहा बैठा है वहाँ बृहस्पति इन भाव मे दृष्टि सम्बंध बनाता है और उन भावो के फल में वृद्धि करता है।
गुरु बनाना क्यों आवश्यक है-
गुरु बनाना इसलिए आवश्यक है क्योंकि आप शिक्षा,ज्ञान,पूजन या सनातन धर्म से जुड़े कार्य बिना गुरु के भी कर सकते है लेकिन गुरु के बिना इस विषय मे उच्चतम सफलता के लिये गुरु का होना अनिवार्य होता है। जैसे मन्त्र दीक्षा, गहन साधना, और आध्यात्मिक यात्रा की प्राप्ति के लिये गुरु ही सही रास्ता दिखा सकता है।
श्रीमद्भगवद्गीता (4.34) में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं:
“तद्विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया।
उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानं ज्ञानिनस्तत्त्वदर्शिनः॥”
अर्थात्, तत्त्वदर्शी ज्ञानी गुरु के पास विनम्रता, प्रश्न और सेवा-भाव से जाओ; वे तुम्हें सत्य का ज्ञान देंगे।
‘गुरु’ शब्द का अर्थ भी यही है—
‘गु’ = अंधकार (अज्ञान)
‘रु’ = उसका नाश करने वाला
अर्थात् जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर करे, वही गुरु है।
कबीरदास जी कहते हैं:
गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पाय।
बलिहारी गुरु आपने, गोविन्द दियो बताय॥
अर्थ: यदि गुरु और भगवान दोनों सामने हों, तो पहले गुरु को प्रणाम करना चाहिए, क्योंकि गुरु ने ही भगवान का मार्ग बताया।
Jay guru dev
गुरु कृपा ही केवलं
बहुत शानदार
Jai Guru Maharaj ji ki
गुरु के नाम से जिनकी सुबह होती है
कृपा भी उन पर गुरुदेव की सदैव बनी रहती है।
जय गुरु महाराज की
Jai Gurudev ji