Ujjain Pooja Services

Sacred rituals performed in Mahakal Nagri with proper vidhi

84 महादेव यात्रा, नवनारायण दर्शन, सप्तसागर पूजन

84 लाख योनियों के बंधन से मुक्ति दिलाकर मोक्ष प्रदान करने हेतु उज्जैन में 84 महादेव के विशेष दर्शन व पूजन होते हैं। पौराणिक कथा अनुसार शिव जी ने दूषण नामक राक्षस का वध किया तब उसके रक्त की बूंदे 84 स्थानों पर गिरी जहा 84 रूपो में भगवान शिव जी ने 84 रूपो में दर्शन दिये।

मंगल दोष (अंगारक दोष) पूजन

उज्जैन में मंगल ग्रह की जन्म स्थली पर अंगारेश्वर महादेव मंदिर स्थापित है। जहाँ मंगल दोष निवारण एक वैदिक अनुष्ठान है। यह मुख्य रूप से विवाह में देरी, वैवाहिक बाधा, दाम्पत्य जीवन में तनाव, सुख-समृद्धि में कमी, जमीन-जायदाद, प्लॉट, खेती ,भवन आदि से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु मंगल भात पूजन किया जाता है।

कालसर्प दोष पूजन

जन्म कुंडली में जब सभी ग्रह राहु और केतु के मध्य स्थित होते हैं तब कालसर्प दोष निर्मित होता है। ज्योतिष में इसे विशेष महत्व के दोष के रूप में देखा जाता है। यह व्यक्ति के पुनर्जन्म के कर्मो से भी देखा जाता है। इसका प्रभाव जीवन में करियर, आयु, शारीरिक एवं मानसिक तनाव, वैवाहिक जीवन में समस्या तथा आर्थिक समस्या उत्पन्न करता है।

महामृत्युंजय अनुष्ठान

यह वैदिक अनुष्ठान महाँकाल को समर्पित अत्यंत शक्तिशाली एवं कल्याणकारी है। वेदों से लिये गए इन मन्त्रो से व्यक्ति अपने जीवन मे अकाल मृत्यु, आसाध्य रोग एवं भय का नाश ,ग्रह दोष,नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से उत्तम स्वास्थ्य, मानसिक शांति, दीर्घायु, सुख-समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति के लिए किया जाता है।

रुद्राभिषेक

रुद्राभिषेक भगवान शिव को प्रसन्न करने हेतु किया जाने वाला अत्यंत पवित्र एवं प्रभावशाली वैदिक अनुष्ठान है। शिवलिंग पर वैदिक मंत्रों के साथ जल, दुग्ध, घृत, शहद एवं विभिन्न पूजन सामग्रियों से अभिषेक किया जाता है। मान्यता है कि रुद्राभिषेक करने से पापों का नाश, ग्रह दोषों की शांति, रोगों से राहत एवं जीवन की बाधाओं का समाधान प्राप्त होता है। यह अनुष्ठान धन, सुख-समृद्धि, मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने वाला माना गया है। अलग-अलग कामनाओं एवं समस्याओं के समाधान हेतु विभिन्न वस्तुओं से रुद्राभिषेक किया जाता है, जिससे व्यक्ति को विशेष फल की प्राप्ति होती है।

नवग्रह शांति पूजन

वैदिक ज्योतिष के अनुसार नवग्रह व्यक्ति के जीवन को गहराई से प्रभावित करते हैं। जब ग्रह अशुभ स्थिति में होते हैं, तब व्यक्ति को स्वास्थ्य, करियर, व्यवसाय, विवाह, संतान, आर्थिक स्थिति एवं मानसिक तनाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। नवग्रह शांति पूजन ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत कर शुभ फल प्रदान करने हेतु किया जाने वाला महत्वपूर्ण वैदिक अनुष्ठान है। यह पूजन जीवन में सुख-शांति, समृद्धि, सफलता एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। नवग्रहों की कृपा प्राप्त होने से कार्यों में सफलता, पारिवारिक सुख, उत्तम स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिरता एवं मानसिक शांति प्राप्त होती है।

अर्क विवाह / कुंभ विवाह अनुष्ठान

अर्क विवाह एवं कुंभ विवाह वैदिक ज्योतिष में वर्णित अत्यंत महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली अनुष्ठान हैं। यह अनुष्ठान विशेष रूप से जन्म कुंडली में उपस्थित मंगल दोष, वैवाहिक बाधाओं एवं दाम्पत्य जीवन से संबंधित समस्याओं के निवारण हेतु कराया जाता है। जिन व्यक्तियों के विवाह में बार-बार बाधाएँ उत्पन्न हो रही हों, विवाह में अनावश्यक विलंब हो रहा हो अथवा वैवाहिक जीवन में तनाव, विवाद, अस्थिरता या अलगाव जैसी परिस्थितियाँ बन रही हों, उनके लिए यह अनुष्ठान अत्यंत लाभकारी माना गया है। वैदिक मंत्रों एवं विधि-विधान के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान दाम्पत्य जीवन में प्रेम, सामंजस्य, स्थिरता एवं सुख-शांति स्थापित करने में सहायक माना जाता है। साथ ही यह वैवाहिक जीवन में आने वाली नकारात्मक ऊर्जाओं एवं दोषों को शांत कर शुभता एवं सकारात्मकता का संचार करता है।

गुरु चांडाल दोष पूजन

जब जन्म कुंडली में गुरु ग्रह राहु अथवा केतु के साथ युति करता है, तब गुरु चांडाल दोष का निर्माण होता है। वैदिक ज्योतिष में इस दोष को अत्यंत प्रभावशाली माना गया है, क्योंकि इसका प्रभाव व्यक्ति के ज्ञान, निर्णय क्षमता, शिक्षा, सामाजिक प्रतिष्ठा एवं मानसिक संतुलन पर पड़ सकता है। इस दोष के कारण व्यक्ति को करियर में बाधाएँ, शिक्षा में रुकावट, गलत निर्णय, आर्थिक अस्थिरता, सामाजिक अपमान, पारिवारिक तनाव एवं मानसिक अशांति जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कई बार व्यक्ति को उचित मार्गदर्शन एवं सफलता प्राप्त करने में भी कठिनाइयाँ आती हैं। गुरु चांडाल दोष पूजन वैदिक विधि-विधान एवं विशेष मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न किया जाने वाला महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। यह अनुष्ठान ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत कर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति, ज्ञान, सफलता एवं आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करने वाला माना जाता है।

देवी अनुष्ठान - (नवचंडी, शतचंडी एवं सहस्त्रचंडी)

देवी अनुष्ठान माँ भगवती की आराधना का अत्यंत शक्तिशाली, पुण्यदायी एवं कल्याणकारी वैदिक अनुष्ठान है। इस अनुष्ठान में दुर्गा सप्तशती एवं देवी महात्म्य का विधिपूर्वक पाठ, हवन एवं पूजन किया जाता है, जिससे माँ आदिशक्ति की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह अनुष्ठान विशेष रूप से ग्रह बाधा, शत्रु बाधा, नकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक कठिनाइयाँ, मानसिक तनाव, रोग एवं पारिवारिक समस्याओं के निवारण हेतु किया जाता है। माँ भगवती की कृपा से जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, साहस एवं सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नवचंडी, शतचंडी एवं सहस्त्रचंडी जैसे विशेष अनुष्ठान अत्यंत प्रभावशाली माने गए हैं। श्रद्धा एवं वैदिक विधि-विधान के साथ सम्पन्न यह अनुष्ठान साधक एवं परिवार के जीवन में रक्षा, उन्नति, आध्यात्मिक शक्ति एवं सर्वांगीण कल्याण प्रदान करने वाला माना जाता है। यह अनुष्ठान मुख्यतः चारों नवरात्रि में होता है लेकिन विकट परिस्थितियों में कभी भी कराया जा सकता है।

सूर्य ग्रहण / चंद्र ग्रहण शांति पूजन

वैदिक ज्योतिष में सूर्य एवं चंद्रमा को जीवन के अत्यंत प्रभावशाली ग्रह माना गया है। जन्म कुंडली में इन ग्रहों की अशुभ स्थिति अथवा ग्रहण दोष होने पर व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव, आत्मविश्वास की कमी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ, पारिवारिक अस्थिरता एवं कार्यों में बाधाएँ उत्पन्न हो सकती हैं। सूर्य ग्रहण एवं चंद्र ग्रहण शांति पूजन ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत कर शुभता एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने हेतु किया जाने वाला विशेष वैदिक अनुष्ठान है। यह पूजन व्यक्ति के आत्मबल, मानसिक शांति, निर्णय क्षमता एवं जीवन में स्थिरता को बढ़ाने वाला माना जाता है। वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिपूर्वक सम्पन्न यह अनुष्ठान जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर सुख, शांति एवं सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।

विष दोष पूजन

जब जन्म कुंडली में शनि एवं चंद्रमा की अशुभ युति अथवा विशेष ग्रह स्थिति बनती है, तब विष दोष निर्मित होता है। वैदिक ज्योतिष में इस दोष को मानसिक, पारिवारिक एवं आर्थिक जीवन को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण दोष माना गया है। इस दोष के प्रभाव से व्यक्ति को मानसिक तनाव, भय, अस्थिरता, नकारात्मक विचार, निर्णय लेने में कठिनाई, पारिवारिक कलह एवं आर्थिक परेशानियों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कई बार व्यक्ति को बिना कारण चिंता एवं अशांति का अनुभव भी होता है। विष दोष पूजन वैदिक मंत्रों एवं विशेष विधि-विधान के साथ सम्पन्न किया जाने वाला प्रभावशाली अनुष्ठान है। यह अनुष्ठान ग्रहों के अशुभ प्रभावों को शांत कर मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा, पारिवारिक सुख एवं जीवन में स्थिरता प्रदान करने वाला माना जाता है।

ऋण मुक्ति निवारण पूजन

जब आय से अधिक खर्च, आर्थिक तंगी, व्यापारिक हानि अथवा निरंतर बढ़ते कर्ज के कारण जीवन में तनाव उत्पन्न होने लगे, तब ऋण मुक्ति निवारण पूजन विशेष लाभकारी माना जाता है। यह वैदिक अनुष्ठान आर्थिक बाधाओं, कर्ज संबंधी समस्याओं एवं धन हानि के निवारण हेतु किया जाता है। उज्जैन के पवित्र एवं प्राचीन ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिरों में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विशेष पूजन सामग्री के साथ यह अनुष्ठान सम्पन्न किया जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव की कृपा एवं वैदिक विधि-विधान के प्रभाव से आर्थिक समस्याओं में राहत, धन आगमन के नए मार्ग एवं जीवन में स्थिरता प्राप्त होती है। यह अनुष्ठान आर्थिक उन्नति, व्यापार में वृद्धि, मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला अत्यंत प्रभावशाली पूजन माना गया है।

काल भैरव अनुष्ठान

शिव जी के रुद्र रूप ही कालभैरव माना जाता है। इससे व्यक्ति तंत्र बाधा से रक्षा, नकारात्मक ऊर्जा का नाश, शत्रु नाश, कानूनी बाधाओं पर विजय , ग्रह दोषों का नाश, अकाल भय से सुरक्षा के लिये कराया जाता है।

माँ बगलामुखी अनुष्ठान

दस दुर्लभ महाविद्याओं में से एक महाविद्या के रूप में माँ बगलामुखी देवी का पूजन होता है। मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में स्थित नलखेड़ा में माँ बगलामुखी देवी का अत्यधिक प्राचीन मंदिर स्थित है।जंहा पांडवों के द्वारा पूजन अनुष्ठान किया गया और विजय का वरदान प्राप्त किया था। जहाँ आज भी देश-विदेश के लाखो लोग माँ बगलामुखी का पूजन हवन करने आते हैं।

ओंकारेश्वर–ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग

बारह ज्योतिर्लिंगों में से चौथा ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाने वाला ओम्कारेश्वर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्यप्रदेश में इंदौर से लगभग 70 किमी दूर स्तिथि है। यहाँ दो शिवलिंग ओंकारेश्वर व दूसरा ममलेश्वर के नाम से जाना जाता है। नर्मदा नदी के मध्य बना मंदिर ओंकारेश्वर के रूप में पूजा जाता है। मान्यता अनुसार सारे तीर्थयात्रा के बाद यहाँ दर्शन, पूजन के बाद ही तीर्थयात्रा पूर्ण मानी जाती है। यही पर आदि शंकराचार्य की आध्यात्मिक शिक्षा दीक्षा स्थली भी मानी जाती है।

माँ नर्मदा महाआरती पूजन

शिवजी की पुत्री के रूप में मानी जाने वाली नर्मदा नदी प्रकृति व ईश्वरीय शक्ति का साक्षात प्रमाण है। माँ नर्मदा के दर्शन मात्र से पुण्य की प्राप्ति होती है। माँ नर्मदा का मुख्य घाट महेश्वर (खरगोन) में माँ नर्मदा की विशेष पूजन, अभिषेक व महाआरती प्रतिदिन होती है।

पितृ दोष

पारिवारिक शांति, सुख-समृद्धि एवं गृह आर्थिक स्थिति की बाधाओं के निवारण हेतु पितृ दोष पूजन की सलाह दी जाती है। पितरो की शांति के लिये पितृ दोष का पूजन होता है। नारायण बली और नागबली पूजन, तर्पण आदि सभी पूजन किया जाते हैं।

नवीन गृह प्रवेश (वास्तु पूजन)

नवीन भवन-घर-दुकान के निर्माण के बाद वास्तु पूजन किया जाता है। यह उस क्षेत्र की नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति एवं सुख-समृद्धि लाता है। यह पंचतत्व का संतुलन बनाने में मदद करता है। साथ ही वास्तु पुरुष की पूजा से आशीर्वाद प्राप्त होता है। गृह भवन की शुद्धिकरण भी किया जाता है।

संतान गोपाल पूजा

मुख्यतः संतान प्राप्ति एवं संतान के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह विशेष अनुष्ठान किया जाता है। संतान संबंधी सभी बाधाओं को दूर करने, स्वस्थ एवं गुणवान संतान प्राप्ति, संतान की उन्नति, प्रतिष्ठा, दीर्घायु तथा आज्ञाकारी स्वभाव के लिए संतान गोपाल पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

हनुमानजी पूजन

भगवान श्री हनुमानजी को शक्ति, साहस, भक्ति एवं संकटों का नाश करने वाले देवता माना जाता है। सनातन धर्म में हनुमानजी की पूजा अत्यंत प्रभावशाली एवं शीघ्र फल प्रदान करने वाली मानी गई है। श्रद्धा एवं विधिपूर्वक हनुमानजी का पूजन करने से व्यक्ति के जीवन से भय, नकारात्मक ऊर्जा, ग्रह बाधाएँ एवं अनेक प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। हनुमानजी को भगवान शिव का रुद्रावतार एवं श्रीराम भक्त के रूप में पूजा जाता है। उनकी कृपा से व्यक्ति को आत्मबल, साहस, मानसिक शांति, रोगों से रक्षा एवं जीवन में सफलता प्राप्त होती है। विशेष रूप से शनि दोष, मंगल दोष, भय, बाधा एवं शत्रु कष्टों से मुक्ति हेतु हनुमानजी की आराधना अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। हनुमान चालीसा पाठ, सुंदरकांड पाठ, बजरंग बाण एवं विशेष हनुमान पूजन से घर एवं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति एवं आध्यात्मिक शक्ति का संचार होता है। मान्यता है कि हनुमानजी की भक्ति से व्यक्ति के जीवन की कठिनाइयाँ दूर होकर कार्यों में सफलता एवं मंगलमय परिणाम प्राप्त होते हैं। “जहाँ श्रीराम का नाम होता है, वहाँ हनुमानजी की कृपा अवश्य बनी रहती है।” है।

Ujjain Pooja FAQ

What Are These Poojas For?

Understand the purpose and benefits of each pooja

What is 84 Mahadev Poojan for? +
This pooja is performed for deep spiritual growth, removal of past karmic burdens, and divine blessings.
What is Nabnarayan Poojan for? +
This pooja is for peace, prosperity, and protection from life’s obstacles.
What is Sapta Sagar Poojan for? +
This pooja helps in purification, emotional balance, and removing negativity.
What is Mangal Dosh Pujan for? +
This pooja is done for marriage harmony and reducing Mangal dosh effects.
What is Kalsarp Pujan for? +
This pooja removes Kaal Sarp dosh and brings stability and success.
What is Maha Mrityunjaya Pujan for? +
This pooja is for health, protection, and healing from negative energies.
What is Guruchandal Dosh Pujan for? +
This pooja improves wisdom, career growth, and removes negative planetary effects.
What is Nabgrah Shanti Pujan for? +
This pooja balances planetary positions and brings peace and success.
What is Kal Bhairav Poojan for? +
This pooja is for protection, removing fear, and gaining strength.
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